एक दिन भाभी ने अनायास ही अपने भैयाजी का मोबाइल फोन चैक किया।

उसे तीन अनोखे नाम से नम्बर सेव दिखे।
--मेरी हमदर्द--
--मेरी दुलारी--
--मेरे सपनों की रानी--

वह गुस्सा हो गयी।
--उसने पहला नम्बर डायल किया, वह उसकी माँ ने उठाया।
--दूसरा नम्बर डायल किया, वहां पति की बहन से जवाब मिला।
--तीसरा नम्बर डायल किया, तो उसके स्वयं के मोबाइल की घँटी बजने लगी।

वह रोने लगी, आंखों से आंसू बहने लगे, क्योंकि उसने अपने निर्दोष पति पर शक किया था। पश्चात्ताप करने के लिये उसने उस महीने के पूरी तनख्वाह भैयाजी को ही वापस सौंप दी।
भैया की सासू माँ को पता चला तो उसने अपने जवाईं की ऐसी निष्ठा पर खुश होकर हजारों रुपए का शगुन दिया।
भैया ने सारा पैसा लिया और एक महंगा गिफ्ट खरीदा और उसे अपनी पुरानी ओफ़िस वाली गर्लफ्रेंड पर लुटा दिया।
वह गर्लफ्रेंड जिसका नाम उसने मोबाइल में
"मुन्ना मेकेनिक" के नाम से सेव कर रखा था।

भैयाजी ऐसे ही थोड़ी इत्ता बड़ा ग्रूप चला रहे हैं..😃😃😃